भटक वे नहीं, मीडिया गया है

उदय केसरी
मेरे कुछ तथाकथित बुद्धिजीवी पत्रकार साथियों का टीम अन्ना के समर्थन को लेकर प्रायः मतभेद होता है। वे टीम अन्ना की हर छोटी-बड़ी गलतियों और उनपे लगने वाले आरोपों व उठने वाले सवालों को आधार बनाकर टीम अन्ना के प्रति मेरे सकारात्मक विचारों को खंडित करने की कोशिश करते हैं। मैं हर बार उनसे कहता हूं कि व्यक्ति या संगठन से कहीं बड़ा उसके विचार और मकसद होते हैं।

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